भव्य भाव धारा” एक भावनात्मक और विचारशील काव्य संग्रह है, जो मानव जीवन, प्रेम, संवेदना और समाज के विविध रंगों को शब्दों में पिरोता है। प्रत्येक कविता में अनुभवों की गहराई और अभिव्यक्ति की सादगी झलकती है। यह पुस्तक आत्मा को छूने वाली काव्य यात्रा है, जो पाठकों को आत्ममंथन और संवेदना की नई दिशा देती है।
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